Saturday, August 28, 2010

मीठी और कड़वी होती है आपकी बोली

आप कैसी बातें करते हैं। किसी से कितने प्यार से बोलते हैं या कितना कड़वा बोलते है। आपकी बोली ही व्यक्तित्व की सबसे बड़ी छबि पेश करती है। ऐसा कहा जाता है कि किसी तीखे हथियार से ज्यादा गहरे घाव किसी के तीखे शब्दों के होते हैं क्योंकि हथियार से किए गए घाव तो भर जाते हैं लेकिन शब्दों के घाव कभी नहीं भरते। शब्दों के घाव हमेशा चुभन देते हैं। इस दुनिया में सिर्फ जुबान ही कड़वी और मीठी है। मीठा नहीं बोल सकते तो कोई बात नहीं लेकिन कोशिश करें कि आप जो भी बोले उससे किसी की भावनाएं आहत ना हो। शब्दों के घाव से जुड़ी प्रेरक कथा है जो बताती है कि आप जो भी बोले, अच्छी तरह सोच-समझकर बोलें।
एक बार चार दोस्त बैठकर गप्पे लड़ा रहे थे। उनमें से एक ने पूछा कि संसार में मीठा क्या है? और तीखा क्या है? सभी ने अपनी राय दी किसी ने कहा गुड़ मीठा है। किसी ने कहा शक्कर। किसी ने कहा रसगुल्लेे। सभी ने मनपसंद चीजों के नाम बताए।उनमें से एक दोस्त ने कहां कि मेरी राय में तो जुबान ही कड़वी और मीठी होती है। सब दोस्तों ने उसका खुब मजाक बनाया कहा ये कैसी अजीब बात है। उस बात को बहुत दिन गुजर गए। एक दिन उस दोस्त ने अपने सारे दोस्तों को खाने पर बुलाया। उसने अपने घर में दावत की पूरी तैयारी कर रखी थी। खाना लाजवाब बना था। अब सभी लोग खाना खाने बैठे तो वह बोला आप लोग तो ऐसे खा रहे हैं जैसे कभी खाना देखा ही नहीं कितनी देर हो गई।ये सुनकर सभी दोस्त नाराज हो गए लेकिन सबसे अलग वह दोस्त एकदम निश्चिंत था। अब सारे दोस्त अपने-अपने घर चले गए। अब वह दोस्त जिसने सब का अपमान किया था। उसने अपने उस दोस्त को फोन लगाकर कहा कि मैं तुम सबसे मिलना चाहता हुं। वो दोस्त उसके स्वभाव को जानता था कि ये जो बोलता है वो साबित करके दिखाता है। इसलिए उसने हां कह दिया। उसने बड़ी मुश्किल से नाराज दोनों दोस्तों को मना लिया। उसने सब को कहा कि आप बताइये मैंने आपको क्या बुरा खाना खिलाया था? क्या मेरी व्यवस्था में कोई कमी थी तो उनमें से एक दोस्त बोला- नहीं, सब कुछ बहुत अच्छा था लेकिन तुम ने ऐसे शब्द को कह दिए की सारा जायका बिगाड़ दिया। उसने कहा ऐसा कैसे हो सकता है? उस दिन आप लोग ही तो मेरा मजाक बना रहा था कि जायका तो खाने में होता है। जुबान में नहीं तो फिर आप लोगों का जायका मेरे बिगाडऩे से कैसे बिगड़ गया। तीनों दोस्त मुस्कुराने लगे। कहने लगे हमे माफ कर दो हमने तुम्हारी बात का मजाक बनाया था लेकिन तुम सही थे। हम सभी मान गए की जुबान ही कड़वी और मीठी होती है।