परीक्षा या एग्जाम ऐसे शब्द हैं जिसे सुनते ही किसी के भी मन में भय उत्पन्न हो जाता है। जीवन में हर पल हमें कई तरह की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। पढ़ाई हो, नौकरी हो, विवाह हो, रिश्तेदारी हो, प्रेम हो, दोस्ती हो या अन्य कोई क्षेत्र हमें परीक्षाओं का सामना करना ही होता है।
परीक्षाएं प्राचीन काल से ही चली आ रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने भी अपना पूरा जीवन परीक्षाओं का सामना करते हुए ही निकाला है। रामायण हो या महाभारत ऐसे सभी ग्रंथों के सभी पात्रों के जीवन में परीक्षाएं ही परीक्षाएं दिखाई देती है। परीक्षाएं होती क्यों हैं? यह प्रश्न सभी के मन में रहता है। इसका उत्तर यही है कि परीक्षाएं हमारी योग्यता और व्यक्तित्व को निखारने का काम करती हैं। कुछ पाना है तो उसके लिए किसी ना किसी रूप में परीक्षा तो देना ही होगी, तभी आपकी इच्छा पूरी हो सकेगी।
परीक्षाएं प्राचीन काल से ही चली आ रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने भी अपना पूरा जीवन परीक्षाओं का सामना करते हुए ही निकाला है। रामायण हो या महाभारत ऐसे सभी ग्रंथों के सभी पात्रों के जीवन में परीक्षाएं ही परीक्षाएं दिखाई देती है। परीक्षाएं होती क्यों हैं? यह प्रश्न सभी के मन में रहता है। इसका उत्तर यही है कि परीक्षाएं हमारी योग्यता और व्यक्तित्व को निखारने का काम करती हैं। कुछ पाना है तो उसके लिए किसी ना किसी रूप में परीक्षा तो देना ही होगी, तभी आपकी इच्छा पूरी हो सकेगी।