
अमूमन हर इंसान अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान के नाम पर कभी न कभी उपवास जरूर रखता है। कई लोग नियमित रूप से सप्ताह में एक दिन, कुछ लोग महीने के विशेष दिनों में तो कुछ विशेष त्योहारों पर ही उपवास करते हैं। लेकिन अधिकतर लोगों को यह नहीं पता है कि उपवास करते कैसे हैं। लोग दिनभर अन्न न खाने या केवल एक समय भोजन करने को उपवास मानते हैं। यह उपवास नहीं बल्कि उसका एक छोटा सा हिस्सा ही है।
कई लोग बरसों तक ऐसे ही उपवास करते रहते हैं और फल न मिलने पर भगवान को कोसते हैं। आइए जानते हैं कि उपवास करने की सही विधि क्या हैं :-
- अगर उपवास कर रहे हैं तो फलाहार के नाम पर दिनभर कुछ खाते न रहें। केवल एक बार ही खाएं, वह भी थोड़ा ही।
- उपवास के दिन सुबह जल्दी जागें, भले ही लंबा पूजन न करें, भगवान को अगरबत्ती और फूल चढ़ाकर प्रणाम जरूर करें।
- दिन में न सोएं। कोशिश करें सारा दिन काम में बीते। मन में भगवान का स्मरण करते रहें।
- किसी की बुराई न करें। मन को नियंत्रण में रखने का प्रयास करें।
- झूठ न बोलें, दिनभर फालतू बैठकर गपशप भी न करें। गुस्सा न करें।
- प्रयास करें दिन में थोड़ी देर मौन रहें, मौन यानी मन से भी कुछ न सोचें, न मुंह से बोलें।
- टीवी, सिनेमा या ऐसी कोई चीज जिसे देखने से मन भटकता हो, उससे बचें।
- किसी का झूठा खाने-पीने से बचें।
- किसी मंदिर अवश्य जाएं।
- गाय और कुत्ते को रोटी खिलाएं।
- उस दिन सहवास से भी बचें। खुद पर संयम रखें।
तब आपका उपवास आपको अच्छा फल देने लगेगा। आप किसी भी दिन नियम से ऐसा उपवास करके देखें, आपको पांच से छह उपवास में ही इसका असर दिखाई देने लगेगा।
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